हमारा विश्‍वास

 

हमारा विश्‍वास
यह बाइबल के आधरभूत सिद्धांतो एवं परमेश्‍वर के स्‍वभाव, मसीह के व्‍यक्‍तित्‍व, कलीसिया का चरित्रा एवं विश्‍वासी का जीवन जैसे मामलों से निपटने वाला एक पाठ्‌यक्रम है। जूडी बारटल की यह अध्‍ययन पुस्‍तिका वचन के सौलह प्रमुख सत्‍यों एवं वर्तमान मसीहियों के लिए इसके महत्‍व को बताती है। पाप, उद्धार, पवित्रात्मा एवं भविष्‍य के बारे में जानकारी परिपक्‍वता की ओर बढ़ रहे विश्‍वासी के लिए अति महत्‍वपूर्ण है।
 
पूरा दस्तावेज देखे या डाउनलोड करे
परिचयात्मक दस्तावेज देखे या डाउनलोड करे
 
अध्‍याय 1: बाइबल

जमीन पर रहते हुए भी कई लोगों को लगता है कि वे किसी तूफान से प्रभावित समुद्र में हैं। वे स्‍वयं से प्रश्‍न पूछते हैं। मैं कहाँ जा रहा हूँ? क्‍या मैं खो चुका हूँ? क्‍या मैं कभी सही मार्ग प सकूँगा? परमेश्‍वर ने हमारे प्रश्‍नों को सुना और हमारे जीवन को दिशा देने के लिए एक पुस्‍तक दी है।
उत्तरों को ढ़ूँढ़ने से पहले इस महान पुस्‍तक को देखें। हम देखेंगे कि इसे कैसे लिखा गया और हमें यह किस प्रकार मिली।
 
पाठ देखे या डाउनलोड करे
 
अध्‍याय 2: परमेश्‍वर

एक प्रकार से, परमेश्‍वर की तुलना तूफान से की जा सकती है। कुछ लोग उससे डरते हैं तो कुछ प्रेम करते हैं - यह सब उनको बताए गए और उनके द्वारा किये जाने वाले कार्यों के आधर पर होता है।
आप परमेश्‍वर को नही देख सकते, परंतु आप पढ़ सकते हैं कि वह क्‍या करता है। अध्‍याय 1 में हमने देखा कि बाइबल परमेश्‍वर, उसके गुणों और मनुष्‍य के साथ उसके व्‍यवहार के बारे में क्‍या कहती है। इस अध्‍याय में हम बाइबल में देखेंगे कि यह परमेश्‍वर के बारे में क्‍या बताती है।
 
पाठ देखे या डाउनलोड करे
 
अध्‍याय 3: मनुष्‍य

हम जानते हैं कि पिनोकियो की कहानी मनगढ़ंत है, परंतु यह थोड़े रूप में बताती है कि जब परमेश्‍वर ने मनुष्‍य को रचा तो उसे कैसा लगा। उसने उसे सुंदर, अति महत्‍वपूर्ण और खुद के निर्णयों को ले सकने की ताकत के साथ बनाया।
परमेश्‍वर ने मनुष्‍य को रचा था, लकड़ी में से काट कर नही निकाला था। उसने उसे कैसे बनाया? उसने मनुष्‍य में कौनसे गुण डाले? आइए देखें कि परमेश्‍वर ने मनुष्‍य को कैसे बनाया और उसे क्‍या जिम्‍मेदारियाँ दीं।
 
पाठ देखे या डाउनलोड करे
 
अध्‍याय 4: पाप
परमेश्‍वर ने आदम और हव्‍वा को एक सुदर बगीचे में रखा और उन्‍हे इसका मालिक ठहराया। उन्‍हे एक पेड़ को छोड़कर सभी में से खाने की इजाजत दी। वहाँ शैतान भी आया और उन्‍हे उसी पेड़ का फल खाने को कहा। उन्‍होने परमेश्‍वर की बजाय उसके शब्‍दों पर भरोसा किया। मनुष्‍य को सिद्ध बनाया गया परंतु अनाज्ञाकारिता की वजह से पाप उनके जीवन में घुस गया। हम पाप की क्‍या परिभाषा बताएँगे? पाप का दण्‍ड क्‍या है? क्‍या इससे बच सकते हैं? यह अध्‍याय हमें उत्तर देगा।
 
पाठ देखे या डाउनलोड करे
 
अध्‍याय 5: यीशु मसीह

एक दिन मेरे एक मित्र ने मुझसे कई सारे प्रश्‍न पूछे। यीशु कौन है? वह एक साथ दैविक और मनुष्‍य कैसे हो सकता है? यदि वो मरा तो मसीही क्‍यों कहते हैं कि वह जिन्‍दा है? वह अब क्‍या कर रहा है?
सर्वोत्तम उत्तर मुझे बाइबल में मिला। इस अध्‍याय में हम ऐसे कुछ प्रश्‍नों को पढ़ेंगे और जानना चाह रहे उत्तरों को ढ़ूँढ़ेंगे।
 
पाठ देखे या डाउनलोड करे
 
अध्‍याय 6: उद्धार
इस अध्‍याय में हम पढ़ेंगेः उद्धार की परिभाषा, उद्धार की ओर पहल, उद्धार के परिणाम
 
पाठ देखे या डाउनलोड करे
 
अध्‍याय 7: पवित्र आत्‍मा
परमेश्‍वर के आत्‍मा को केवल एक देश में ही महसूस नही किया जाता, या केवल एक गोत्रा के लोगों से ही सेवकाई नही होती है - परंतु पूरी पृथ्‍वी पर। पिन्‍तुकुस्‍त के दिन में पतरस लगभग 15 भाषियों की तरफ से खड़ा होकर भीड़ से बोला। अध्‍याय 6 में हमने उद्धार के बारे में सीखा। क्‍या आपको पता है कि हमने पवित्रा आत्‍मा के कार्य के द्वारा उद्धार पाया है। आइए पवित्र आत्‍मा और हममें उसके कार्य को देखें।
 
पाठ देखे या डाउनलोड करे
 
अध्‍याय 8: कलीसिया
वृहद अर्थ में, कलीसिया विश्‍वासियों का समूह है। इसे मसीह की देह कहते हैं। परमेश्‍वर अपनी आत्‍मा के द्वारा उनमें रहेगा। अध्‍याय 7 में हमने पवित्रा आत्‍मा और उसके कार्य के बारे में सीखा। एक कार्य हमने नही बताया, कि वह कलीसिया को एक करता है। इस अध्‍याय में हम देखेंगे कि कलीसिया क्‍या है और इसे क्‍या करना चाहिए और इसके साथ क्‍या होने जा रहा है? बाइबल ही हमें सही उत्तर दे सकती है।
 
पाठ देखे या डाउनलोड करे
 
अध्‍याय 9: आत्‍मा का संसार
इस अध्‍याय में हम आत्‍मिक संसार की सेनाओं एवं मसीही के विश्‍वासी के रूप में मिलने वाली सुरक्षा को दखेंगे।
 
पाठ देखे या डाउनलोड करे
 
अध्‍याय 10: भविष्‍य

सही भविष्‍यवाणियों का आधर बाइबल है। अपने वचन के द्वारा परमेश्‍वर हमें सब कुछ के बारे में बताता है। हमें हाथ पढ़वाने या तोते वाले के पास जाने की जरूरत नही है। वास्‍तव में इस प्रकार के जादु टोने परमेश्‍वर के द्वारा मना हैं।
यदि आप अपने भविष्‍य और मसीह के आने पर होने वाली घटनाओं के प्रति चकित हैं तो आप इस अध्‍याय को अवश्‍य पढ़ना चाहेंगे। हम भविष्‍य के न्‍यायों एवं प्रभु के आगमन के बारे मे बात करेंगे।
 
पाठ देखे या डाउनलोड करे
 
अध्‍याय 11: परमेश्‍वर का नियम
अध्‍याय 10 में हमने देखा कि हम भविष्‍य में क्‍या करेंगे, इस अध्‍याय में हम पढ़ेंगे कि हमें आज क्‍या करना है। परमेश्‍वर ने पत्‍ळार की दो पटि्‌टयाओं पर नियम लिखे और इस्रएल के महान अगुवे मूसा को अपने लोगों के लिए दिया। यद्यपि वे प्राचीन नियम हैं परंतु उन्‍हे आज भी लागु किया जा सकता है।
 
पाठ देखे या डाउनलोड करे
 
अध्‍याय 12: परमेश्‍वर के साथ हमारा संबंध्‍
हमने सीखा कि मसीही विश्‍वासी होने के नाते हमारी प्रमुख जिम्‍मेदारी परमेश्‍वर से प्रेम करना है। जैसा हमने अध्‍याय 11 में पढ़ा, उससे प्रेम करने की वजह से हम उसकी आज्ञा मानते हैं। अतः परमेश्‍वर से हमारा संबंध्‍ प्रेम का संबंध्‍ है।
 
पाठ देखे या डाउनलोड करे
 
अध्‍याय 13: दूसरों के साथ हमारा संबंध

यह इत्तपफाक नही कि अध्‍याय 13 के पहले और बाद के अध्‍याय विश्‍वासी को मिले परमेश्‍वर के वरदान के बारे में हैं। प्रेम का अध्‍याय वरदानों के अध्‍यायों से बंधा है क्‍यों प्रेम करना एवं देना दोनो एक साथ चलते हैं।
परमेश्‍वर के प्रति हमारे प्रेम को दिखाने का एक तरीका दूसरों से प्रेम और उनकी मदद करना है। आइए देखें कि दूसरों के साथ संबंध के बारे में बाइबल क्‍या बताती है। जो हमारे ऊपर है, चारों ओर हैं और जो हमारे विरुद्ध हैं।
 
पाठ देखे या डाउनलोड करे
 
अध्‍याय 14: एक मसीही एवं स्‍वयं
यह अध्‍याय हमें बताएगा कि हम खुद के प्रति कैसे प्रतिबंध हैं? और परमेश्‍वर की आज्ञा कैसे मानें, कौन चाहता है कि हम हमारे समय और अनंतता के प्रति सजग हों। इस अध्‍याय में हम निम्‍न के महत्‍व को पढ़ेंगेः स्‍वयं का इंकार एवं पवित्रीकरण।
 
पाठ देखे या डाउनलोड करे
 
अध्‍याय 15: मसीही जीवन

लोग सशक्‍त मसीही के रूप में नही जन्‍मे हैं, परंतु वे अपने जीवन में परमेश्‍वर को कार्य करने की इजाजत देते एवं वर्षों के दौरान स्‍वयं के स्‍वभाव को विकसित करने का अवसर देते हैं। लंबे पेड़ों की तरह, वे अपनी जड़ों को गहराई में डालते हैं और हवा उन्‍हे उखाड़ नही सकती है।
क्‍या आप भले व्‍यक्‍ति बनना चाहते हैं, जो परमेश्‍वर पर भरोसा रखता हो और हर हालात में दृढ़ रहता हो? हम प्‍ढ़ी हुई बातों को देख सकते हैं और पेड़ की तरह ‘लंबे बढ़ सकते हैं'।
 
पाठ देखे या डाउनलोड करे
 
अध्‍याय 16: आत्‍मा से भरा जीवन

यीशु मसीह ने अपने चेलों से वायदा किया कि पिता के पास जाते ही वह उनके लिए सहायक, पवित्रात्‍मा भेजेगा। पवित्रा आत्‍मा का आगमन पिन्‍तुकुस्‍त के दिन हुआ। यह पेरितों के काम 2 में लिखा है। तब से विश्‍वासी आत्‍मा से भरे जीवन को जी पा रहा है।
इस अध्‍याय में हम सीखेंगे कि आत्‍मा से भरे जीवन का मतलब क्‍या है। हम आत्‍मा से भरे जाने के साथ आने वाले इनाम के बारे में भी पढ़ेंगे।
 
पाठ देखे या डाउनलोड करे
 
छात्र रिपोर्ट
 
पाठ देखे या डाउनलोड करे