मसीही सेवा


मसीही परिपक्‍वता
मसीही परिपक्‍वता ‘‘मसीह की पूर्ण देह के समान बनने' तक हर विश्‍वासी का लक्ष्‍य एवं निशाना है। (ईफ.4:13) इस 192 पेजों के पाठ्‌यक्रम में रिक होवार्ड सिखाते हैं कि यद्यपि हम एकदम मसीह के समान नही बन सकते हैं, परंतु हमें बाइबल के द्वारा हमारे सामने रखे इस लक्ष्‍य के सर्वाध्‍कि नजदीक पहुँचना है क्‍योंकि यही हमें मात्रा लक्ष्‍य के पास पहुँचने से कहीं अधिक करने का बल देगा।

प्रार्थना और आराध्‍ना
आराध्‍ना में परमेश्‍वर की स्‍तूति एवं सेवा शामिल हैं। लेखक मोरिस विलयम्‍स प्रार्थना और आराध्‍ना के नए जीवन का परिचय करवा रहे हैं। यीशु के द्वारा अपने चेलों को सिखाई गई प्रार्थना को नजदीक से देखने पर हमें दिखता है कि यीशु मसीह के अनुसार, हम हमारे जीवन से प्रार्थना और आराध्‍ना को अलग नही कर सकते हैं। प्रार्थना कभी समाप्‍त नही होती। यह हमारे द्वारा किए जाने वाले हर कार्य का हिस्‍सा है। इस पाठ्‌यक्रम में, प्रार्थना को आराध्‍ना की तैयारी के रूप में एवं आराध्‍ना को परमेश्‍वर को प्रसन्न कर उसके उद्देश्‍य को पूरा करने वाले जीवन से परिभाषित किया गया है।

जिम्‍मेदार मसीही
लेखक जोस आर. सिल्‍वा डेलगाडो विश्‍वासयोग्‍य लेपालक अथवा भंडारी बनने के बारे में बता रहे हैं। एक दृष्‍टांत में यीशु मसीह ने अपनी संपत्ति का सही और बुद्धि के साथ इस्‍तेमाल करने वाले दो भंडारियों को सराहा और मिली हुई वस्‍तु का कुछ भी नही कर सकने वाले को डाँटा। यह पाठ्‌यक्रम दिखाता है कि परमेश्‍वर के द्वारा हमें दी गई जिम्‍मेदारियों को हम किस प्रकार निभाएँ, ताकि एक दिन वह कहे, ‘‘शाबाश! अच्‍छे और विश्‍वासयोग्‍य दास ...अपने मालिक की खुशियों में भाग ले।' ;मत्ती 25:23